त्तर प्रदेश के महोबा में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में 93 चहेते लाभार्थियों को प्रथम व द्वितीय किस्त के नाम पर दो-दो बार रकम खाते में भेज वित्तीय दुरुपयोग कर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के गबन का मामला सामने आया है। डूडा विभाग के प्रभारी डिप्टी कलक्टर सौरभ पांडेय ने शुक्रवार को शहर कोतवाली में पांच साल के दौरान हुए घपले के दोषी दो सेवानिवृत्त एपीओ (सहायक परियोजना अधिकारी) समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

इस कार्रवाई से काम देख रहे प्राइवेट संस्था के कर्मियों में हड़कंप मचा है। जिले में दो नगर पालिका और तीन नगर पंचायतें हैं। शहरी क्षेत्र में आने वाले नगर पालिका व नगर पंचायतों में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का कार्य देख रही लखनऊ की प्राइवेट संस्था के कर्मचारियों की शुक्रवार को बड़ी धांधली उजागर हुई।

वर्ष 2016 से 2021 के बीच तैनात रहे सहायक परियोजना अधिकारियों व प्राइवेट संस्था के कर्मियों ने लाभार्थियों को योजना का लाभ दिलाने के नाम पर बड़ा खेल खेला। 93 लाभार्थियों के खातों में निर्धारित राशि से दोगुनी धनराशि उनके खातों में भेज दी। जिससे एक करोड़ 53 लाख 35 हजार रुपये का वित्तीय दुरुपयोग कर चहेतों के खातों में डाल दिया गया। 

डूडा के प्रभारी परियोजना अधिकारी व डिप्टी कलक्टर सौरभ पांडेय ने मामले की जांच में घोटाला पाया। डिप्टी कलक्टर ने पूर्व सहायक परियोजना अधिकारी अबरार अहमद, सुरेंद्र नाथ (दोनों सेवानिवृत्त अधिकारी), लखनऊ की संस्था टीएंडएम के कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर भूपेंद्र यादव, सिविल इंजीनियर सर्वजीत सिंह चौहान, लखनऊ की ही प्राईवेट संस्था रुद्राभिषेक इंटरप्राइजेज के कर्मी कम्प्यूटर ऑपरेटर शिवम सोनी, सुरेंद्र, अरविंद कुमार, हर्षित शर्मा, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर सोमेंद्र शर्मा, जेई राजकुमार व रामगोपाल के खिलाफ शासकीय धन का दुरुपयोग करते हुए गबन करने का मामला दर्ज कराया है।

डिप्टी कलक्टर ने बताया कि लाभार्थियों को दो-दो बार किस्त की धनराशि देने के मामले में 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आवास योजना में पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को आवास देने और कहां कितना धन दुरुपयोग किया गया, इसकी भी जांच कराई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *